डायबिटीज़ में पैर अचानक नहीं कटते…
वे पहले हमारी रोज़ की छोटी-छोटी लापरवाहियों से हारते हैं।
अगर आपको Diabetes है, तो यह लेख पढ़ने में सिर्फ 4 मिनट लगेंगे…
लेकिन इसे न पढ़ने की कीमत शायद आपकी पूरी ज़िंदगी चुका सकती है।
क्यों?
क्योंकि Diabetes में सबसे खतरनाक घाव वह नहीं होता जो दिखाई देता है…
बल्कि वह होता है जो दर्द ही नहीं करता।
यही कारण है कि भारत में अनेक मरीज डॉक्टर के पास तब पहुँचते हैं, जब संक्रमण काफी बढ़ चुका होता है और इलाज अधिक कठिन हो जाता है।
आज रात सोने से पहले सिर्फ 60 सेकंड अपने पैरों को देखिए।
हो सकता है…
यही 60 सेकंड आपको भविष्य में महीनों के इलाज, ऑपरेशन और चलने-फिरने की परेशानी से बचा दें।
आइए जानते हैं—बारिश के मौसम में भारतीय Diabetes Patients अधिक जोखिम में क्यों होते हैं और अपने पैरों को सुरक्षित रखने के लिए रोज़ कौन-सी आसान आदतें अपनानी चाहिए।
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❓क्या आप जानते हैं?
Diabetes में दर्द न होना भी खतरे का संकेत हो सकता है।
लगातार बढ़ी हुई ब्लड शुगर नसों (Neuropathy) को प्रभावित कर सकती है। इसलिए कई मरीजों को चोट या घाव का दर्द कम महसूस होता है, जबकि अंदर संक्रमण बढ़ता रहता है।
यही स्थिति आगे चलकर Diabetic Foot का कारण बन सकती है।
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Diabetic Foot क्या है?
जब Diabetes के कारण पैर में—
- घाव
- छाला
- सूजन
- संक्रमण
- त्वचा का काला पड़ना
- देर से भरने वाला जख्म
दिखाई दे, तो इसे Diabetic Foot कहा जाता है।
यह एक दिन में नहीं होता…
यह रोज़ की छोटी-छोटी अनदेखियों का परिणाम होता है।
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भारतीय मरीज अधिक क्यों प्रभावित होते हैं?
समस्या केवल Diabetes नहीं…
हमारी रोज़ की आदतें भी हैं।
आज भी बहुत से लोग—
❌ दर्द न होने पर डॉक्टर के पास नहीं जाते।
❌ घर में नंगे पैर चलते हैं।
❌ पतली चप्पल पहनते हैं।
❌ छाले या घाव पर घरेलू उपचार करते रहते हैं।
❌ डॉक्टर से तब मिलते हैं, जब संक्रमण काफी बढ़ चुका होता है।
याद रखिए…
बीमारी जितनी खतरनाक नहीं होती… कई बार उससे ज़्यादा खतरनाक हमारी लापरवाही होती है।
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बारिश में खतरा क्यों बढ़ जाता है?
बारिश का मौसम सिर्फ ठंडक नहीं लाता…
यह साथ लाता है—
💧 लगातार नमी
🦠 फंगल संक्रमण
🧫 बैक्टीरिया
यदि पैर लंबे समय तक गीले रहें, तो छोटी-सी दरार भी संक्रमण का रास्ता बन सकती है।
और यदि शुगर नियंत्रित न हो…
तो वही छोटा घाव भरने में कई सप्ताह या महीनों का समय ले सकता है।
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👟 क्या आपका Footwear आपके पैर बचा सकता है?
हाँ, बिल्कुल।
गलत चप्पल कई बार घाव की शुरुआत बन जाती है।
अच्छे Footwear में होना चाहिए—
✔ सही फिटिंग
✔ मुलायम कुशन
✔ आगे से बंद (Closed Toe) डिज़ाइन
✔ फिसलन-रोधी सोल
✔ रोज़ पहनने से पहले जूते के अंदर कंकड़ या नुकीली वस्तु अवश्य देखें।
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बारिश में पैरों की सुरक्षा के 7 Golden Rules
✅ रोज़ रात को दोनों पैरों का निरीक्षण करें।
✅ पैर धोने के बाद उंगलियों के बीच अच्छी तरह सुखाएँ।
✅ गीले मोज़े तुरंत बदलें।
✅ घर में भी नंगे पैर न चलें।
✅ किसी भी छाले या घाव को नज़रअंदाज़ न करें।
✅ ब्लड शुगर को यथासंभव नियंत्रित रखें।
✅ लालपन, सूजन, पस, बदबू या त्वचा का रंग बदलने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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🥗 डाइट में क्या शामिल करें?
पैरों की सुरक्षा सिर्फ दवा से नहीं…
अच्छे पोषण से भी होती है।
अपने भोजन में शामिल करें—
🥬 हरी पत्तेदार सब्जियाँ
🫘 दालें और अन्य प्रोटीन स्रोत
🥛 दही या अन्य उपयुक्त प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ
🥜 सीमित मात्रा में मेवे और बीज
🍊 विटामिन C युक्त फल (व्यक्तिगत स्वास्थ्य के अनुसार)
💧 पर्याप्त पानी
संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन और नियंत्रित ब्लड शुगर घाव भरने और संक्रमण से लड़ने की शरीर की क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।
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📌 याद रखिए…
Diabetes में पैर एक दिन में नहीं बिगड़ते…
वे हर दिन हमारी छोटी-छोटी अनदेखियों से थोड़ा-थोड़ा हारते हैं।
आज अपने पैरों को सिर्फ 60 सेकंड दीजिए।
क्योंकि कई बार यही एक मिनट आपकी पूरी ज़िंदगी बदल सकता है।
Diabetes में सबसे महँगा इलाज ऑपरेशन नहीं होता… बल्कि वह लापरवाही होती है, जिसे हम समय रहते गंभीरता से नहीं लेते।
आज अपने पैरों को देखिए।
क्योंकि स्वस्थ कदम ही स्वस्थ भविष्य की शुरुआत हैं।
डॉ. नेहा गुप्ता
Adv. Nutritionist (London) | Hon. PhD (Washington)
London Book of World Records Holder (2023)
Super Doctor Award (2025) | Women of Impact Award (2026)
विशेष फीचरः ‘वाशिंगटन पोस्ट’ (फरवरी 2026 संस्करण) – कवर पेज और विशेष लेख।
MBA (APR) www.drnehagupta.uk