क्या आप जानते हैं कि भारत में हर 10 में से 4 कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है?

​”क्या आप जानते हैं कि भारत में हर 10 में से 4 कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है?”

कैंसर अब केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि एक आधुनिक महामारी बनता जा रहा है। भारत में इसके मामले जिस रफ़्तार से बढ़ रहे हैं, यह चौंकाने वाला है। ICMR (Indian Council of Medical Research) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2025-26 तक कैंसर के मामलों की संख्या 15.7 लाख सालाना तक पहुँचने का अनुमान है।
​लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हम अनजाने में अपनी रोज़ाना की ज़िंदगी में ऐसी कौन सी गलतियां कर रहे हैं जो हमें इस जानलेवा बीमारी की ओर धकेल रही हैं? आइए आज सिर्फ जानते नहीं हैं, बल्कि उन कड़वे सच का सामना करते हैं जो हमारी थाली और हमारी लाइफस्टाइल में छिपे हैं।

​4 बड़ी गलतियां जो एक आम भारतीय आज कर रहा है

​अ) आज के दौर में हम ताज़ा खाने से दूर और ‘पैकेट’ वाले खाने के करीब जा रहे हैं। आज लोगों को पैकेट खोलना और खाना ज्यादा सरल लगता है, WHO के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट और अत्यधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ इन्फ्लेमेशन बढ़ाते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं के पनपने का मुख्य कारण है।

​ब) क्या आप जानते हैं कि “Sitting is the new smoking”? घंटों एक जगह बैठकर काम करना और फिजिकल एक्टिविटी का शून्य होना भारत में बढ़ते ब्रेस्ट और कोलन कैंसर का एक बड़ा कारण है।

​स) गर्म चाय को पेपर ग्लास / प्लास्टिक के कप में पीना या प्लास्टिक के डिब्बों में खाना माइक्रोवेव करना—ये हमारी सबसे बड़ी भूल है। इसमें मौजूद BPA (Bisphenol A) सीधे हमारे हॉर्मोन्स को बिगाड़ता है।

द) नींद सिर्फ थकान मिटाने के लिए नहीं होती, यह शरीर की ‘रिपेयरिंग’ का समय है। जब हम पर्याप्त नहीं सोते, तो शरीर की इम्यून कोशिकाएं कैंसर सेल्स से लड़ने की क्षमता खो देती हैं।

WHO की ताज़ा रिपोर्ट (फरवरी 2026) के अनुसार, भारत में 10 में से 4 कैंसर के मामले रोके जा सकते हैं (Preventable)। यानी 40% मामलों का कारण हमारी खराब आदतें हैं।

  • नई स्टडीज बताती हैं कि भारतीय मसालों में मौजूद Curcumin कैंसर विरोधी गुणों से भरपूर है, लेकिन यह तभी असर करता है जब आपकी डाइट संतुलित हो।
  • ​अब केवल स्मोकिंग ही नहीं, बल्कि बढ़ता एयर पोल्यूशन भी नॉन-स्मोकर्स में फेफड़ों के कैंसर का कारण बन रहा है।

​. हम अक्सर कहते हैं— “हाँ, मुझे पता है कि टहलना अच्छा है।” लेकिन सच तो यह है कि ज्ञान से कैंसर या कोई भी बीमारी नहीं रुकती, क्रिया (Action) से रुकती है।

​आज से ही ये 3 बदलाव करें:

  • ​ WHO की गाइडलाइन के अनुसार, हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि (जैसे तेज़ चलना या साइकिल चलाना) कैंसर के जोखिम को 20-30% तक कम कर देती है।
  • ​अपनी हर मील में कम से कम 3 अलग रंगों की सब्जियां या फल शामिल करें। ये एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस होते हैं।
  • ​ 40 की उम्र के बाद साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप ज़रूर कराएं। कैंसर का इलाज- ‘इलाज’ से ज़्यादा ‘जल्द पहचान’ (Early Detection) में छिपा है।

    ​हम अक्सर सोचते हैं “मुझे क्या होगा?”, लेकिन कैंसर किसी का इंतज़ार नहीं करता। आज आपकी मेहनत से कमाया हुआ पैसा कल अस्पतालों के बिल भरने में न जाए, इसके लिए आज ही अपनी सेहत में निवेश करें।

​याद रखिए, आपका शरीर वह एकमात्र घर है जिसमें आपको जीवन भर रहना है। इसकी मरम्मत आज से ही शुरू करें।

— Dr Neha Gupta

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